जानिए कैसे बनता है बर्थ सर्टिफिकेट और आधार कार्ड

जानिए कैसे बनता है बर्थ सर्टिफिकेट और आधार कार्ड

नई दिल्ली। यदि आप भारतीय के नागरिक हैं तो आपके पास भारतीय सरकार द्वारा जारी किए गए पहचान पत्र होने चाहिए जिसमें वोटर आई कार्ड, आधार कार्ड और बर्थ सर्टिफिकेट शामिल हैं। ये अहम दस्तावेज आपके लिए न सिर्फ देश में रहने का प्रमाण होते हैं बल्कि ये भारत में गुजर-बसर करने के साथ-साथ तमाम जरूरतों में काम आते हैं। मसलन अगर आपको अगर सिम कार्ड लेना है या आपको बैंक खाता खुलवाना है।

जन्म प्रणाम पत्र

बच्चे के पैदा होने पर जन्म प्रणाम पत्र बहुत आवश्यक होता हैं। यदि आपके पास ये सर्टिफिकेट नहीं है तो आपके बच्चे का स्कूल में एडमिशन, पासपोर्ट जैसी महत्वपूर्ण चीजें नहीं बन पाएगी।

क्या होता है बर्थ सर्टिफिकेट

बर्थ सर्टिफिकेट आपके जन्म तिथि का प्रमाण होता है।

क्यों होता है आवश्यक

1. यह उम्र, लिंग और राष्ट्रियता के प्रमाण के लिए बहुत आवश्यक है।
2. पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए, हेल्थ सेवा, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए
3. स्कूल में दाखिला कराने के लिए
4. ओल्ड एज पैंशन प्राप्त करने के लिए

कौन कर सकता है आवेदन

1. जिसका सर्टिफिकेट पर नाम होता है
2. जिस लीगल रिप्रेसेनटेटिव का बर्थ सर्टिफिकेट पर नाम होता है।
3. जिसका बर्थ रजिस्टर्ड है उसके बच्चे का या ग्रैंड पैरेंट्स

किस तरह बनवाएं जन्म प्रणाम पत्र

अगर आपका बच्चा अस्पताल में पैदा हुआ है तो चार दिन बाद निगम वेबसाइट से Application for Birth Certificate form को डाउनलोड कर सकते हैं। घर पर बच्चे के पैदा होने की स्थिति में एक सप्ताह में मिलता है।

ऑन लाइन बर्थ सर्टिफिकेट बनवाने के लिए अस्पताल संचालकों को नगर निगम से लॉगिन पासवर्ड दिया जाता है क्योकि जन्म के बाद अस्पताल संचालकों को नगर निगम की वेब साइट पर इसका रिकॉर्ड देना होता है।

घर पैदा हुए बच्चों के बर्थ सर्टिफिकेट के लिए निगम की वेब साइट पर आवेदन करना होगा जिसके बाद नगर निगम की टीम घर जाकर जरूरी फॉर्मेलेटी पूरी करती है। दो- तीन दिन के समय में बर्थ सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाता है।

अगर आपका सर्टिफिकेट खो जाए तो कैसे बनवाएं

नगर निगम जाकर फॉर्म नंबर भरे, सारे जरूरी दस्तावेज लगाएं, दस्तावेज के तहत बच्चे के जन्म का लिखित प्रमाण होना चाहिए

जिसमें जन्म के समय जिस हॉस्पिटल में बच्चा जन्मा है वहां की कोई पर्ची और अगर बच्चा घर पर पैदा हुआ है तो उस दौरान बच्चे को लगाए गए टीके के बारें में डॉक्टर के दी गई पर्ची आदि।

एड्रेस प्रूफ के तौर पर राशन कार्ड, डीएल, बिजली का बिल, मतदाता पहचान पत्र आदि जरूरी दस्तावेज फॉर्म के साथ देने होते है।


आधार कार्ड

आधार कार्ड बनवाने के लिए अपने घर के पास के ऑफिस या फिर खास कैंप भी लगाए जाते है। आधार कार्ड मुफ्त में बनाया जाता है इसके लिए कोई भी फीस नहीं लगती।

कौन बनवा सकता है

1.भारतीय देश का नागरिक होना चाहिए
2. बच्चे के पैदा होते ही बन जाता है
3. पैदा हुए बच्चे के बायोमेट्रिक्स की जरूरत 5 साल की उम्र के बाद पड़ती है।
4. कभी भी आवेदन कर सकते है।

बनवाते वक्त किन बातों का रखें ध्यान

1. पहचान और पते के प्रूफ के डॉक्युमेंट सेंटर पर ले जाने होते हैं। इनमें पहचान के प्रूफ के लिए पैन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड या पासपोर्ट ले जाना होगा। वहीं पते के प्रूफ के लिए वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, राशन कार्ड, बिजली या पानी का बिल काम आ सकता है।

2. आपसे सारी जानकारियां ले लेने के बाद एक एनरॉलमेंट नंबर दे दिया जाता है, जिसके आधार पर आप अपने आधार कार्ड का स्टेटस भी जान सकते हैं।

क्यों है जरूरी

केंद्र सरकार की योजनाओं में मनरेगा, पेंशन योजना, पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना, पीएम सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, कक्षा 10 से ऊपर की छात्रवृत्तियां, पीडीएस राशन, एलपीजी सब्सिडी, पैन कार्ड, पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया आसान बनाता है, बैंक खाता खोल सकते है, सहित अन्य शामिल हैं। इन सभी का फायदा तभी मिलेगा जब संबंधित लोगों के पास आधार कार्ड होगा।

आईडी न होने पर गैजेटेड ऑफिसर से अपनी एप्लिकेशन को प्रमाणित कराएं। एपलाए करने के 1-2 महीनों में बनकर मिलते है आधार कार्ड।

खो जाने पर आप ई-नंबर डाउनलोड करके कार्ड और नंबर ले सकते हैं। इसके लिए आप अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी के जरिए नेट से आपना ई-आधार बना सकते हैं। साथ ही एनरोलमेंट नंबर भी डाउनलोड कर सकते हैं।


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